हल्द्वानी: आगामी 15 जून को बाबा नीम करौली के प्रसिद्ध ‘कैंची धाम’ में आयोजित होने वाले वार्षिक मेले की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और वाहनों के भारी दबाव को देखते हुए प्रशासन ने एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला लिया है। हल्द्वानी से कैंची धाम तक एक ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाया जाएगा, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति (जैसे वाहन खराब होना, आग लगना या दुर्घटना) में पुलिस, एम्बुलेंस और फायर टेंडर बिना किसी रुकावट के तुरंत मौके पर पहुंच सकें।
इस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए मंगलवार को पुलिस कार्यालय हल्द्वानी में पुलिस अधीक्षक (सिटी) मनोज कत्याल और नगर मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल समन्वय बैठक आयोजित की गई। स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रहने और सभी अस्पतालों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
यातायात और पार्किंग के लिए खास मास्टर प्लान
मेले के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए प्रशासन ने चार प्रमुख स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की है:
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नगर निगम इंटर कॉलेज का मैदान
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हल्द्वानी रेलवे स्टेशन
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काठगोदाम रेलवे स्टेशन
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बैकअप पार्किंग: यदि ऊपर दी गई तीनों पार्किंग फुल हो जाती हैं, तो वाहनों को गौलापार स्टेडियम में पार्क कराया जाएगा।
शटल सेवा की व्यवस्था: पार्किंग स्थलों से श्रद्धालुओं को कैंची धाम तक ले जाने के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम और केमू (KMOU) की 60-60 बसें (कुल 120 बसें) बतौर शटल सेवा संचालित की जाएंगी।
सीसीटीवी से होगी चप्पे-चप्पे की निगरानी
एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पुलिस बल के साथ-साथ स्वयंसेवकों की तैनाती की रणनीति बनाई जा रही है। मेले के दौरान संवेदनशील और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों की निगरानी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के जरिए चौबीसों घंटे की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण समन्वय बैठक में एसडीएम मोनिका, सीओ सिटी अमित कुमार, आरटीओ पवन कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे और सभी ने मिलकर मेले को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने का संकल्प लिया।
