नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा 21 जून से कक्षा 12वीं के पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) और सत्यापन के परिणाम जारी करने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी निराशा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर छात्रों ने शिकायतों की झड़ी लगा दी है। उनका आरोप है कि भौतिकी, रसायन विज्ञान और एमसीक्यू (MCQ) सेक्शन में सही उत्तरों के बावजूद अंक नहीं बढ़ाए गए या केवल 1 से 4 अंकों की ही बढ़ोतरी हुई है।
इस प्रक्रिया के कारण कई होनहार छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। छात्रों का कहना है कि जेईई (JEE) और एनआईटी (NIT) में प्रवेश के लिए जरूरी 75 प्रतिशत का एग्रीगेट क्राइटेरिया सिर्फ 1 या 2 नंबरों से छूट गया है, जिससे उनके कॉलेज एडमिशन रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है।
झज्जर स्थित जीएवी पब्लिक स्कूल के छात्र मोहम्मद फैज शेख ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उन्होंने केवल कंप्यूटर साइंस में पुनर्मूल्यांकन के लिए डाला था, जिसमें नंबर 12 से बढ़कर 23 हो गए। लेकिन बिना किसी आवेदन के उनके केमिस्ट्री थ्योरी के नंबर 23 से घटाकर 13 कर दिए गए। वहीं, छात्रा सुनीता सिंह और छात्र तारांश त्यागी का कहना है कि मार्किंग स्कीम के अनुसार सही एमसीक्यू (MCQ) उत्तरों को भी री-इवैल्यूएशन में गलत ही रखा गया। उषा देवी नामक एक अन्य यूजर ने शिकायत की कि सिस्टम की गड़बड़ी के कारण उनके एक प्रश्न के 4.5 अंक कुल योग में जुड़े ही नहीं।
छात्रों ने शुरू किया मास ट्वीट अभियान, रखीं ये मांगें:
परेशान छात्रों ने एकजुट होकर एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है और अपनी मांगों को लेकर सोशल मीडिया पर एक बड़ा अभियान शुरू किया है। उनकी मुख्य मांगें हैं:
सभी आवेदकों को पुनर्मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं (Answer Sheets) की कॉपी मुफ्त में दी जाए।
आगामी बैच के लिए थ्योरी और प्रैक्टिकल का पासिंग क्राइटेरिया 33 प्रतिशत से कम किया जाए।
अनचेक एमसीक्यू, स्टेप मार्किंग न होने और धुंधली स्कैन कॉपियों की समस्या को तुरंत सुधारा जाए।
विवाद बढ़ता देख सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि पुनर्मूल्यांकन एक समीक्षा प्रक्रिया है, जिसमें अंकों में बदलाव की कोई गारंटी नहीं होती। बोर्ड के मुताबिक, हर कॉपी की जांच दो इवैल्यूएटर्स द्वारा आईआईटी (IIT) विशेषज्ञों की निगरानी में मेरिट के आधार पर की गई है। बोर्ड ने बताया कि छात्र रोल नंबर के जरिए डिजीलॉकर पर अपना स्टेटस देख सकते हैं। जिन छात्रों को अभी भी शिकायत है, उनके लिए जल्द ही क्षेत्रीय कार्यालयों में उत्तर पुस्तिकाओं का भौतिक निरीक्षण (Physical Verification) शुरू किया जाएगा।
