नई दिल्ली: देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का धरना मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रहा। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं, जो लगातार सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
धरने के दौरान प्रदर्शन स्थल पर आने वाले लोगों की पहचान संबंधी जांच को लेकर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और दिल्ली पुलिस के बीच तीखी बहस देखने को मिली। दीपके ने आरोप लगाया कि धरना स्थल पर भोजन, पानी पहुंचाने या प्रदर्शन में शामिल होने आने वाले आम लोगों से भी पहचान पत्र मांगे जा रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन और निजता से जुड़ा संवेदनशील विषय बताते हुए सवाल उठाया कि प्रदर्शनकारियों की निजी जानकारी क्यों एकत्र की जा रही है। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है।
इस आंदोलन को अब किसानों का भी बड़ा समर्थन मिल गया है। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के चढूनी गुट ने छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल होने का एलान किया है। सीजेपी संस्थापक ने देशभर के किसानों और मजदूरों से आंदोलन से जुड़ने की अपील की थी, जिसके बाद किसानों के इस कदम का प्रदर्शनकारियों ने स्वागत किया है।
लगातार चल रहे इस धरने में शामिल लोगों के लिए चाय, समोसे और पानी की व्यवस्था स्वयंसेवकों द्वारा की जा रही है। सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास ने इन कार्यकर्ताओं को आंदोलन की रीढ़ बताया।
इससे पहले, सोमवार शाम को जंतर-मंतर पर नीट (NEET) की तैयारी के दौरान आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों को कैंडल जलाकर और मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान वक्ताओं ने परीक्षा के बढ़ते दबाव और छात्रों की मानसिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से हेल्पलाइन, मनोवैज्ञानिक सहायता और नियमित काउंसलिंग शुरू करने की मांग की।
