देहरादून: उत्तराखंड शिक्षा विभाग में प्रशासनिक स्तर पर एक बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। विभाग के कई शीर्ष अधिकारियों के खाली पदों को भरने और व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बड़े पैमाने पर तबादलों (Transfers) की फाइल तैयार कर ली गई है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, शासन ने इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार कर अंतिम अनुमोदन के लिए शिक्षा मंत्री के पास भेज दिया है। मंत्री की हरी झंडी मिलते ही अधिकारियों के तबादले के आदेश आधिकारिक तौर पर जारी कर दिए जाएंगे।
शिक्षा विभाग में लंबे समय से उच्च स्तर पर अधिकारियों की भारी कमी चल रही है, जो आज यानी सोमवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल सती की सेवानिवृत्ति के बाद और अधिक गहराने वाली है। वर्तमान में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक का महत्वपूर्ण पद पहले से ही खाली चल रहा था, जिसका अतिरिक्त प्रभार डॉ. मुकुल सती ही संभाल रहे थे। इसके अलावा, उनके पास समग्र शिक्षा के अपर राज्य परियोजना निदेशक की भी जिम्मेदारी थी। आज उनके रिटायर होने के बाद, विभाग के तीन शीर्ष निदेशक पदों में से दो पूरी तरह खाली हो जाएंगे।
शिक्षा निदेशालय से लेकर जिला स्तर तक अधिकारियों का टोटा साफ देखा जा सकता है। आँकड़ों के मुताबिक, विभाग में अपर निदेशक के कुल 10 स्वीकृत पदों में से 5 पद खाली पड़े हैं, वहीं संयुक्त निदेशक के 23 पदों में से अधिकांश पर कोई स्थाई अधिकारी तैनात नहीं है।
इस भारी कमी को देखते हुए शासन स्तर पर जिलों और निदेशालय के अधिकारियों को इधर से उधर (तबादला) करने की पूरी तैयारी है। कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए विभाग में कुछ जूनियर अधिकारियों को प्रमोट करके या अतिरिक्त कार्यभार सौंपकर महत्वपूर्ण पदों पर ‘प्रभारी’ की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
