देहरादून। राज्य में गंगा और उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। सोमवार को सचिवालय में आयोजित राज्य गंगा समिति की 19वीं बैठक में उन्होंने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य गंगा समिति और जनपद स्तर की गंगा समितियों की बैठकें तय समय सीमा के भीतर नियमित रूप से आयोजित की जाएं। साथ ही स्टेट मिशन फॉर क्लीन गंगा (एसपीएमजी) मुख्यालय स्तर पर सतत निगरानी के लिए एक मजबूत तंत्र विकसित किया जाए।
उन्होंने प्रदेश के सभी एसटीपी की 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक प्लांट के इनलेट और आउटलेट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। जिला और राज्य स्तर पर सभी एसटीपी की रियल टाइम मॉनिटरिंग व्यवस्था अगले एक महीने के भीतर तैयार करने को कहा गया। इसके अलावा उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) को औचक निरीक्षण कर नियमित रूप से एसटीपी की कार्यप्रणाली की जांच करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य सचिव ने हरिद्वार, रुड़की, ऋषिकेश और देहरादून जैसे गंगा तटीय प्रमुख शहरों में सीवरेज नेटवर्क के विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एसटीपी से निकलने वाले उपचारित जल का सिंचाई, औद्योगिक और अन्य उपयोगी कार्यों में सुरक्षित इस्तेमाल बढ़ाने के लिए ठोस योजना बनाई जाए।
बैठक में सचिव रणवीर सिंह चौहान, यूकेपीसीबी के विशेष सचिव एवं सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव रोहित मीणा समेत विभिन्न जनपदों के जिलाधिकारी मौजूद रहे।
