नाबालिग से काम कराने पर प्रतिष्ठान संचालक का चालान
पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत जिला टास्क फोर्स समिति ने कोटद्वार नगर क्षेत्र में सघन निरीक्षण एवं खोज अभियान चलाया। अभियान के दौरान बद्रीनाथ मार्ग स्थित एक मिठाई की दुकान से 14 वर्ष से कम आयु के एक बालक को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। नाबालिग से कार्य कराए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान संचालक का चालान करते हुए भविष्य में बाल श्रम न कराने की कड़ी चेतावनी दी गयी।
संयुक्त दल ने बद्रीनाथ मार्ग, झंडा चौक, बस स्टेशन तथा तीलू रौतेली चौक क्षेत्र में विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान एक प्रतिष्ठान में 14 वर्ष से कम आयु का बालक कार्य करता मिला, जिसे तत्काल रेस्क्यू किया गया। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) नियम, 2017 के तहत आवश्यक कार्रवाई करते हुए बालक को उसके मामा की सुपुर्दगी में सौंपा गया। साथ ही परिजनों को निर्देशित किया गया कि बालक का किसी शिक्षण संस्थान में प्रवेश कराकर उसकी शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रखी जाए, जिससे उसका समुचित पुनर्वास सुनिश्चित हो सके।

अभियान के दौरान बद्रीनाथ मार्ग स्थित एक अन्य प्रतिष्ठान में लगभग 17 वर्षीय किशोर भी कार्य करता मिला। उसके संबंध में भी नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गयी है। जिला टास्क फोर्स समिति ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी किसी नाबालिग बच्चे से श्रम कराया जाता हुआ दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें, ताकि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, शिक्षित एवं सम्मानजनक बचपन उपलब्ध कराया जा सके।
अभियान में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राकेश चंद्रा बिडालिया, श्रम प्रवर्तन अधिकारी मोहन बेलवाल, जिला बाल संरक्षण इकाई से ओम प्रकाश थपलियाल, चाइल्ड हेल्पलाइन से धर्मेंद्र तथा पुलिस विभाग से विद्या मेहता, सुमित चौधरी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
