नई दिल्ली- देश की राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर शनिवार को एक बड़े छात्र आंदोलन का गवाह बना। डिजिटल प्लेटफॉर्म से शुरू हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले हजारों छात्रों और युवाओं ने सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आंदोलनकारी देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान सीजेपी (CJP) ने एलान किया है कि आगामी 13 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर इससे भी बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
अमेरिका से लौटकर सीधे पहुंचे अभिजीत दीपके, बोले- ‘पोस्ट हटा सकते हो, हमें नहीं’
हाल ही में अमेरिका से लौटे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके शनिवार सुबह सीधे जंतर-मंतर पहुंचे और आंदोलन की कमान संभाली। युवाओं और ‘Gen Z’ को संबोधित करते हुए दीपके ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों पर कार्रवाई करने के बजाय उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स हैक कराने और पोस्ट डिलीट करवाने में व्यस्त है।
दीपके ने भावुक और कड़े शब्दों में कहा:
“यह लड़ाई बहुत लंबी है और हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। देश का छात्र और युवा बिका नहीं है। तुम सोशल मीडिया से हमारी पोस्ट हटा सकते हो, लेकिन हमें जमीनी आंदोलन से खत्म नहीं कर सकते।”
हाथों में तिरंगा, किताब और गुलाब: आंदोलन का अनोखा अंदाज
अभिजीत दीपके की अपील पर प्रदर्शन में शामिल होने आए छात्र अपने हाथों में तिरंगा और किताबें लेकर पहुंचे थे। आंदोलन को पूरी तरह अहिंसक और प्रतीकात्मक बनाए रखने के लिए छात्रों ने सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को सम्मान के तौर पर गुलाब के फूल भी भेंट किए। हालांकि, दोपहर के समय कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा भीड़ को उग्र करने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस और खुद आयोजकों की मुस्तैदी के कारण माहौल शांतिपूर्ण बना रहा।
सोनम वांगचुक का बड़ा एलान, दी उपवास की चेतावनी
इस छात्र आंदोलन को उस समय और मजबूती मिली जब देश के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक दोपहर करीब 1:30 बजे जंतर-मंतर पहुंचे। वांगचुक ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने घोषणा की कि यदि सरकार ने दमनकारी नीति अपनाते हुए आंदोलन के अगुवा अभिजीत दीपके को गिरफ्तार किया, तो वह छह सप्ताह के कड़े उपवास पर बैठ जाएंगे।
चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा, विपक्षी नेताओं को किया गया नजरबंद
आंदोलन की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे एनडीएमसी (NDMC) और जंतर-मंतर इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। दिल्ली की सीमाओं और प्रमुख चौराहों (जैसे आईटीओ) पर सख्त पिकेट चेकिंग लगाई गई। इस प्रदर्शन का असर दिल्ली के बाहर भी देखने को मिला। ग्रेटर नोएडा में समाजवादी छात्र सभा के अध्यक्ष मोहित नागर को दिल्ली कूच करने से पहले ही पुलिस ने हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर लिया। मोहित नागर ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार युवाओं की आवाज दबाना चाहती है।
फिलहाल, दिल्ली पुलिस और खुफिया विभाग अलर्ट पर हैं। जंतर-मंतर पर हुए इस प्रदर्शन की गूंज अब दिल्ली से निकलकर अलीगढ़ और गुरुग्राम जैसे शहरों तक पहुंच गई है, जहां युवा इस आंदोलन से जुड़ने के लिए लगातार लामबंद हो रहे हैं।
