देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश आफत का सबब बनती जा रही है। प्रदेश में भारी बारिश के बाद जगह-जगह भूस्खलन होने और सड़कों पर मलबा आने से 100 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं, जिनमें सबसे ज्यादा संख्या ग्रामीण मार्गों की है। लोक निर्माण विभाग और स्थानीय प्रशासन मलबे को हटाकर बंद रास्तों को खोलने की कोशिशों में जुटा हुआ है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी देहरादून में 10 ग्रामीण मार्ग बंद हैं। इसके अलावा पिथौरागढ़ में 14, चमोली में 12, उत्तरकाशी में 10 और टिहरी में 9 ग्रामीण रास्ते मलबे के कारण पूरी तरह ब्लॉक हैं। वहीं, नैनीताल के हल्द्वानी-भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामगढ़ पुल के पास सड़क धंसने से भारी वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया गया है। उत्तरकाशी में भी ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्यानाचट्टी के पास बंद पड़ा है।
रविवार को बारिश थमने के बाद लोगों ने राहत की सांस जरूर ली, लेकिन धूप खिलने से मैदानी इलाकों में उमस भरी गर्मी ने परेशान किया। देहरादून का अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री बढ़कर 33.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
हालांकि, यह राहत ज्यादा वक्त तक टिकने वाली नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार (13 जुलाई) को देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर समेत कई पर्वतीय जिलों में भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, 18 जुलाई तक पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा और कुछ इलाकों में बिजली चमकने के साथ तेज बारिश हो सकती है।
