देहरादून- उत्तराखंड एसटीएफ द्वारा साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। साइबर थाना पुलिस को प्राप्त शिकायतों पर त्वरित जांच करते हुए ठगी के शिकार लोगों को राहत दिलाने का अभियान जारी है। इसी क्रम में साइबर ठगी के एक मामले में एसटीएफ ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए पीड़ित की ₹25.40 लाख की धनराशि वापस दिलाई है।
जानकारी के अनुसार साइबर अपराधियों ने इन्वेस्टमेंट ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का लालच देकर पीड़ित को अपने जाल में फंसा लिया था। ठगों के झांसे में आकर पीड़ित ने बड़ी रकम निवेश कर दी, जिसके बाद उसके साथ धोखाधड़ी का पता चला। शिकायत मिलने पर साइबर थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक खातों और ट्रांजेक्शनों की जांच की तथा समन्वित प्रयासों से ₹25.40 लाख की रकम रिकवर कर पीड़ित को वापस दिलाई।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील करते हुए कहा है कि किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, सीवीवी नंबर तथा पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। उन्होंने लोगों से फर्जी निवेश योजनाओं, धनराशि दोगुनी करने के झांसे, नकली वेबसाइटों और ऑनलाइन टिकट बुकिंग के नाम पर मिलने वाले संदिग्ध प्रस्तावों से सतर्क रहने की सलाह दी है।
पुलिस ने बताया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या फिर राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते धनराशि को सुरक्षित किया जा सके।
इस कार्रवाई में साइबर थाना पुलिस टीम के निरीक्षक शरद चौधरी, मुख्य आरक्षी हेम चंद्र मठपाल और आरक्षी मोहम्मद उस्मान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
